सोमवार को लंच के वक्त तक ऐसा लगने लगा कि हमारी राजनीति सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रही है या...
राष्ट्र हित
शीर्ष नेताओं का अहम सिर्फ हम…सिर्फ हम
देश के तीन सर्वाधिक ताकतवर नेताओं में खुद को तृतीय पुरुष में संबोधित करने की विचित्र आदत है। इसका मनोवैज्ञानिक...
अब और पकौड़ी लाल नहीं
हरियाणा में पंचायत चुनावों को लेकर पारित एक कानून की सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पुष्टि पर क्यों है मेरी असहमति अगर...
जारी रहे वाजपेयी की पाक नीति
वर्ष 1998 से भारत-पाक संबंधों का इतिहास यानी इसका ट्रैक रिकॉर्ड बताता है कि ये रिश्ते एक जैसी नाटकीयता के...
मजबूत आंतरिक आवाज से लोकतंत्र भरेगा परवाज
अगर आप किसी जानकार भारतीय से भी पूछेंगे कि हिलेरी बेन कौन हैं तो संभव है कि आपको जवाब न...
कांग्रेस में नई जान अभी दूर की कौड़ी
तीन वर्षों में पहली बार कांग्रेस नेताओं के चेहरे पर मुस्कान है। ऐसा लग रहा है मानो पार्टी में नई...
आईएस को लेकर बेवजह उत्तेजना
एक पंक्ति है, जो मैं प्राय: उस जड़ता को रेखांकित करने के लिए इस्तेमाल करता हूं, जो आमतौर पर हमारे...
मोदी प्रचार अभियान नहीं शासन पर दें ध्यान
स्पष्ट जनादेश राजनीतिक विश्लेषकों को अतिसामान्यीकरण की ओर ले जाते हैं। उदाहरण के लिए नरेंद्र मोदी की आलोचना करने वालों...
धर्मनिरपेक्षता का नारा ही अल्पसंख्यकों का सहारा!
बिहार ने अल्पसंख्यक (मुस्लिम) वोट बैंक को राजनीतिक चर्चाओं में लौटा दिया है। चर्चा करने से पहले यह जानना जरूरी...
जनादेश का गलत अर्थ लेने से अनर्थ
चुनाव जीतने के बाद राजनीतिक नेता यदि कोई सबसे बड़ी गलती कर सकते हैं, तो वह यह है कि वे...
बिहार नतीजों में छिपा मोदी के लिए अवसर
बतौर प्रधानमंत्री मोदी के लिए बिहार चुनाव में हार फायदेमंद साबित हो सकती है, बशर्ते कि वह हकीकतों को पहचानें...
नए दक्षिणपंथ के खिलाफ नए उदारवाद की जरूरत
क्या आरएसएस और आईएसआईएस एक हैं? इस सवाल से कई जुमले तैयार हो सकते हैं? भारतीय उदारवादी कितने उदार हैं?...