नई दिल्ली में बौद्घिकों के चर्चित ठिकाने इंडिया इंटरनैशनल सेंटर (आईआईसी) के एक खचाखच भरे हॉल में बीते दिनों एक...
Category: राष्ट्र हित
जनमत संग्रह की राह के जोखिम
सदियों के दौरान विकसित हुए आधुनिक लोकतांत्रिक देशों के लिए इन दिनों चुनौती आ खड़ी हुई है। प्रत्यक्ष लोकतंत्र की...
अगर यही रही चाल तो और बिगड़ेंगे हाल
अगर हम तेजी से पनपती इस धारणा का विरोध करें कि कांग्रेस पार्टी मृतप्राय है? अगर इसके बजाय हम कहें...
इतिहास के पाखंड से मुक्त मोदी!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका में कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्ते ‘हिचकिचाहट के इतिहास’ से निजात पा चुके...
एक त्रासदी और भिंडरावाले की याद
एक प्रश्न प्राय: मुझसे पूछा जाता है कि वे कौन सबसे रोचक तीन व्यक्ति हैं, जिनसे मैं पत्रकार के रूप...
राजनीतिक गिरावट का नया स्तर!
मरहूम ज्ञानी जैल सिंह एक किस्सा सुनाया करते थे। जब वह पंजाब के मुख्यमंत्री थे तब पटियाला का समृद्घ कारोबारी...
नेहरू विरोधी नहीं नेहरूवादी हैं मोदी
बात की शुरुआत एक ऐसे जुमले से करते हैं जिसे नया मीडिया एक हद तक अपमानजनक मानेगा: क्या नरेंद्र मोदी...
सरकार के रुख बदलने का आ गया है वक्त
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच एक अहम अंतर है। एक अपनी गलतियों से सीखने को तत्पर है...
नास्तिकता की राजनीति और नए देवता
दीवार पर लिखी इबारत। यानी वह जो एकदम साफ नजर आ रहा हो। यानी क्या बदलाव हो रहा है और...
रक्षा सौदों में गड़बड़ी पर सजा किसी को नहीं
हमारे पास अपने पुरखों जैसी बुद्घिमता नहीं है। मिसाल के तौर पर कहावत है कि गैर जरूरी चीजों के साथ...